बदायूं 07 मई। उत्तर प्रदेश के बदायूं नगर के मोहल्ला मीरा सराय निवासी राज कुमार मौर्य जो पिछले 10 वर्षों से फल एवं सब्जी विक्रेता के रूप में अपना जीवनयापन कर रहे हैं, आज आत्मनिर्भरता और संघर्ष की एक मिसाल बन चुके हैं। साधारण परिवार से आने वाले राज कुमार मौर्य अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य हैं। उनके परिवार में उनकी पत्नी और दो छोटे बच्चे (8 वर्ष एवं 3 वर्ष) हैं।
कोविड-19 महामारी के दौरान लगे लॉकडाउन ने उनके जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। बाजार बंद होने से उनकी रोजी-रोटी पूरी तरह ठप हो गई और परिवार के भरण-पोषण में गंभीर संकट उत्पन्न हो गया। ऐसे कठिन समय में उन्हें सरकार की पीएम स्वनिधि योजना के बारे में जानकारी मिली, जो स्ट्रीट वेंडर्स को बिना किसी गारंटी के ऋण उपलब्ध कराती है।
राज कुमार मौर्य ने इस योजना के तहत सबसे पहले प्रथम चरण का ऋण लिया, जिससे उन्होंने पुनः अपना ठेला लगाना शुरू किया। समय पर ऋण चुकाने के कारण उन्हें द्वितीय और तृतीय चरण के ऋण भी आसानी से प्राप्त हुए। उन्होंने इन सभी ऋणों को नियमित रूप से आसान किस्तों में चुकाया, जिससे उनकी बैंकिंग साख भी मजबूत हुई।
आज वे बदायूं के पंजाबी मार्केट, भगत जी समोसा कॉर्नर के पास अपना व्यवसाय सफलतापूर्वक चला रहे हैं। उनकी आय में सुधार हुआ है और वे अपने परिवार का बेहतर ढंग से पालन-पोषण कर पा रहे हैं। उनके बड़े बेटे की पढ़ाई भी अब सुचारू रूप से सिटी पब्लिक स्कूल, बदायूं में चल रही है।
राज कुमार मौर्य की यह कहानी यह दर्शाती है कि यदि सही समय पर उचित सहायता और व्यक्ति का आत्मविश्वास साथ हो, तो कोई भी कठिन परिस्थिति सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती। पीएम स्वनिधि योजना ने न केवल उनके व्यवसाय को पुनर्जीवित किया, बल्कि उनके जीवन में स्थिरता और सम्मान भी लौटाया।
वर्तमान में उन्होंने इस योजना के अंतर्गत क्रेडिट कार्ड के लिए भी आवेदन किया है, जिससे उनके व्यवसाय को और अधिक विस्तार मिलने की संभावना है। यह कहानी अन्य स्ट्रीट वेंडर्स के लिए एक प्रेरणा है कि वे भी इस योजना का लाभ उठाकर अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं।

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