लोणार (बुलढाणा):
बुलढाणा जिले के खापरखेड लाड स्थित रेत घाटों पर हो रहे अवैध उत्खनन और नियमों के उल्लंघन को लेकर प्रशासन के खिलाफ अब मोर्चा खोल दिया गया है। सावरगांव तेली के निवासी नितिन गोविंद आडे ने जिला अधिकारी सहित विभिन्न विभागों को निवेदन सौंपकर चेतावनी दी है कि यदि रेत घाटों पर चल रही धांधली को तुरंत नहीं रोका गया, तो वे 1 मई 2026 से रेत घाट पर ही आमरण अनशन शुरू करेंगे।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता के अनुसार, जिला खनिज विभाग द्वारा जारी किए गए आदेशों का सरेआम उल्लंघन किया जा रहा है। निवेदन में उल्लेख किया गया है कि जिला अधिकारी कार्यालय द्वारा निर्धारित विभिन्न शर्तों और नियमों (मुद्दा क्रमांक 10, 13, 15 से लेकर 59 तक) को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है।
मुख्य आरोप:
नियमों का उल्लंघन: रेत के अवैध परिवहन और मशीनों के उपयोग में तय मानकों का पालन नहीं हो रहा है।
प्रशासनिक लापरवाही: आरोप है कि संबंधित अधिकारी और कर्मचारी अपनी ड्यूटी निभाने में विफल रहे हैं और अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं।
ठेकेदारों की मनमानी: शिकायतकर्ता का कहना है कि ठेकेदार और अधिकारी मिलकर 'हम करे सो कानून' (तानाशाही) की पद्धति से काम कर रहे हैं।
डाटा फीडिंग में गड़बड़ी: वाहनों के प्रकार और उनकी क्षमता की जानकारी 'महा खनिज' (Maha Khanij) प्रणाली पर दर्ज करना अनिवार्य है, लेकिन इसे दरकिनार कर अवैध परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
नितिन आडे ने मांग की है कि खापरखेड लाड रेत घाट की खुली जांच की जाए। यदि जांच में गड़बड़ी पाई जाती है, तो रेत घाट को तत्काल बंद कर संबंधित ठेकेदार और दोषी अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।
प्रशासन को चेतावनी
निवेदन में स्पष्ट किया गया है कि यदि प्रशासन समय रहते कार्रवाई नहीं करता है, तो होने वाले आमरण अनशन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना या जान-माल की हानि की पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन और अधिकारियों की होगी।
यह निवेदन जिला अधिकारी (बुलढाणा), विभागीय अधिकारी (मेहकर), तहसीलदार (लोणार) और पुलिस स्टेशन बीबी को भेजा जा चुका है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाता है।
लोणार (बुलढाणा) से - दीपक कांदे की रिपोर्ट


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