सूरत। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल की उपस्थिति में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (DDWS) के सचिव ने सरदार वल्लभभाई राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (SVNIT), सूरत में ‘वन-डे-वन-यूनिवर्सिटी’ पहल के तहत विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों के साथ संवाद किया।
कार्यक्रम के दौरान जल जीवन मिशन (JJM) 2.0 और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) पर प्रस्तुति दी गई। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल एवं स्वच्छता के क्षेत्र में हुए बदलाव और अब तक की उपलब्धियों को रेखांकित किया गया। चर्चा में जल सेवाओं की दीर्घकालिक एवं टिकाऊ व्यवस्था, जल स्रोतों की स्थिरता, जल गुणवत्ता, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने, अपशिष्ट प्रबंधन तथा जमीनी स्तर की चुनौतियों के समाधान में नवाचार की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया।
प्रस्तुति के बाद छात्रों और शिक्षकों के साथ संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने शोध के अवसरों, इंटर्नशिप, फील्ड आधारित परियोजनाओं, नवाचार चुनौतियों और तकनीकी हस्तक्षेप से जुड़े सवाल पूछे।
DDWS के सचिव ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे राज्य जल एवं स्वच्छता मिशनों, जिला प्रशासन, ग्राम पंचायतों तथा स्थानीय कार्यान्वयन एजेंसियों के साथ मिलकर व्यावहारिक, व्यापक स्तर पर लागू किए जा सकने वाले और जमीनी जरूरतों के अनुरूप समाधान विकसित करें।
कार्यक्रम में इस बात पर बल दिया गया कि शैक्षणिक संस्थान, शोधकर्ता और युवा नवोन्मेषक भारत को ‘स्वच्छ और जल-सुरक्षित भारत’ बनाने के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। साक्ष्य आधारित शोध, तकनीकी नवाचार और समुदाय-केंद्रित समाधानों के माध्यम से जल एवं स्वच्छता क्षेत्र की चुनौतियों का प्रभावी समाधान संभव है।
Riport - Social Media/ Satyendra Singh

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