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कागजों में पहुंचा नल, गांवों में सूखी पाइपलाइन: उझानी के ग्रामीणों का फूटा गुस्सा।

हर घर नल योजना के दावों पर सवाल: उझानी ब्लॉक के गांवों में आज भी स्वच्छ पेयजल का इंतजार

Jal jeevan mission
                                 AI Generat Photo 

बदायूं। जनपद बदायूं के विकास खण्ड उझानी अंतर्गत ग्राम फुलासी और चेतुनगला में हर घर नल योजना के दावे जमीनी हकीकत से दूर नजर आ रहे हैं। सरकार द्वारा “हर घर नल” योजना के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का दावा किया गया था, लेकिन इन गांवों के ग्रामीण आज भी नल से जल मिलने का इंतजार कर रहे हैं।


ग्रामीणों का कहना है कि योजना के नाम पर पाइपलाइन और अन्य कार्यों की चर्चा तो हुई, लेकिन अब तक नियमित पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। कई परिवार आज भी पुराने संसाधनों और असुरक्षित जल स्रोतों पर निर्भर हैं। इससे लोगों में नाराजगी और निराशा बढ़ती जा रही है।


मामले में विभागीय अधिकारियों का कहना है कि धनराशि की कमी के कारण कार्य प्रभावित हुआ है। अधिकारियों के अनुसार अभी तक सोलर पैनल स्थापित नहीं हो सके हैं और जल सप्लाई से संबंधित कार्य भी प्रक्रिया में है। धन उपलब्ध होते ही शेष कार्य पूरा कराने का आश्वासन दिया गया है।


हालांकि बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब सरकार की ओर से हर घर नल योजना को सफल बताते हुए अधिकांश गांवों में कार्य पूर्ण होने का दावा किया गया, तब फुलासी और चेतुनगला जैसे गांव योजना के लाभ से क्यों वंचित रह गए? यदि योजना पूरी नहीं हुई थी तो ग्रामीणों को पूर्ण सुविधा मिलने का दावा किस आधार पर किया गया?


स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में अधूरी योजनाओं और कागजी दावों की सच्चाई सामने आ सके। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द आवश्यक बजट जारी कर योजना का कार्य पूरा कराया जाए, जिससे उन्हें स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिल सके।


अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन और जल जीवन मिशन विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और ग्रामीणों को उनका अधिकार कब तक मिल पाता है।


रिपोर्ट - सत्येन्द्र सिंह 

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